हुर्रियत से जुड़े दो और समूहों हुए अलग, जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर बोले अमित शाह
नई दिल्ली: अनुच्छेद 370 के खात्मे के बाद से जम्मू-कश्मीर लगातार बदलाव की राह पर है। इसी कड़ी में आज कश्मीर से एक बड़ी खबर आई है। हुर्रियत से जुड़े दो समूहों ने अलगाववाद छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया है। गृह मंत्री अमित शाह ने खुद सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी है। हुर्रियत से जुड़े दो और समूहों जम्मू-कश्मीर तहरीक-ए-इस्तिकलाल और जम्मू-कश्मीर तहरीक-ए-इस्तिकमत ने अलगाववाद छोड़ दिया है।
JKPM और JKDPM ने भी छोड़ा अलगाववाद
बता दें कि इससे पहले हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के दो घटक दलों जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट (JKPM) और J&K डेमोक्रेटिक पॉलिटिकल मूवमेंट (JKDPM) ने अलगाववाद से अपने सभी नाता तोड़ने का ऐलान किया था। इसका ऐलान भी गृह मंत्री अमित शाह ने किया था। उन्होंने कहा था कि इससे भारत की एकता मजबूत होगी। बता दें कि JKPM का नेतृत्व शाहिद सलीम करते हैं, जबकि JKDPM का नेतृत्व वकील शफी रेशी करते हैं।
संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ ली
सलीम ने एक बयान में कहा कि उन्होंने खुद को और अपने संगठन को अलगाववादी विचारधारा से अलग कर लिया है और भारत और संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ ली है। सलीम ने यहां एक बयान में कहा, "मैं भारत का एक वफादार नागरिक हूं और मैं और मेरा संगठन दोनों भारत के संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ लेते हैं।" सलीम और रेशी के फैसलों का स्वागत करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि यह कदम भारत की एकता को मजबूत करेगा और मोदी सरकार की एकीकरण नीतियों ने जम्मू-कश्मीर से अलगाववाद को 'खत्म' कर दिया है।

अलगाववादी समूहों पर प्रतिबंध
ऑल पार्टीज हुर्रियत कॉन्फ्रेंस (एपीएचसी) जम्मू-कश्मीर में अलगाववादियों का एक समूह है। इसके अधिकांश घटकों पर सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया है। सलीम ने अपने संदेश में कहा कि उन्हें और उनके संगठन को 'ऑल पार्टीज हुर्रियत कॉन्फ्रेंस' की विचारधारा से कोई सहानुभूति नहीं है, जो जम्मू-कश्मीर के लोगों की वैध आकांक्षाओं और शिकायतों को दूर करने में सक्षम नहीं है। सलीम ने कहा, "मैं भारत का एक वफादार नागरिक हूं। मेरा संगठन और मैं किसी ऐसे संगठन या एसोसिएशन से जुड़े नहीं हैं, जिसका एजेंडा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भारत और उसके हितों के खिलाफ हो। मेरा संगठन और मैं दोनों ही भारत के संविधान के प्रति वफादार हैं।"

धमतरी की स्वर्णिम कृषि यात्रा : आत्मनिर्भरता और समृद्धि के 25 वर्ष
कारखानों में श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य जाँच में नहीं चलेगी मनमानी, श्रम मंत्री देवांगन ने दिए कड़े निर्देश
बालिका सुरक्षा माह के अंतर्गत चलाया जा रहा है जागरूकता कार्यक्रम
बाढ़ में बही पुस्तकें, टेबलेट भी हुआ खराब, पर नहीं रुकेगी पूनम की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी
महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव शम्मी आबिदी
मंत्रालय में हुआ राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम" एवं राष्ट्र-गान "जन-गण-मन" का सामूहिक गायन
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की