नागपुर हिंसा की भरपाई दंगाईयों से तो कामरा के स्टूडियो की भरपाई कौन करेगा?
मुंबई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का नाम लिए बगैर कसे तंज को लेकर कॉमेडियन कुणाल कामरा सुर्खियों में हैं। कामरा के खिलाफ मुंबई के मामला दर्ज किया गया है। कॉमेडियन के खिलाफ कार्रवाई पर शिवसेना (यूबीटी) के संजय राउत ने महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा है।
संजय राउत ने कुणाल कामरा को प्रमोट करने के सवाल पर कहा कि कौन कहता है कि मैंने उसे प्रमोट किया है। हालांकि, मैंने कल एक्स पर एक पोस्ट किया है। कुणाल कामरा को मैं पहले से जानता हूं। उसने हम पर भी टिप्पणी की है। कामरा ने अगर व्यक्तिगत तौर पर टिप्पणी नहीं की है, तो आपको स्वीकार करना चाहिए। यही लोकतंत्र की खूबसूरती है। उन्होंने कहा कि उसका ऑफिस और स्टूडियो तोड़ दिया गया। यह गुंडागर्दी है। संजय राउत ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में गुंडाराज चल रहा है। मुंबई पुलिस कमिश्नर का तबादला होना चाहिए।
राउत ने कहा कि सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि नागपुर हिंसा में जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई दंगाइयों से करेंगे। कुणाल कामरा का ऑफिस और स्टूडियो तोड़ दिया गया है उसकी भरपाई कौन करेगा? महाराष्ट्र को बहुत ही कमजोर गृह मंत्री मिला है। वह गृह मंत्रालय नहीं चला पा रहे हैं। कहीं दंगे हो रहे हैं, गुंडागर्दी हो रही है, उनसे कंट्रोल नहीं हो रहा है। मैं दिल्ली जाकर बात करूंगा। महाराष्ट्र में जो चल रहा है, उसके लिए आवाज उठानी होगी। कॉमेडी एक कला है, इस पर सेंसरशिप लाने के सवाल के जवाब में संजय राउत ने कहा कि यदि अपनी मर्यादा में कोई काम करता है, तो उसे कंट्रोल करने की क्या जरूरत है। कामरा के पॉडकास्ट मैंने देखे हैं। अगर आप किसी के ऊपर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं कर रहे हैं तो कोई दिक्कत नहीं है।
नागपुर हिंसा के आरोपी फहीम खान के घर पर बुलडोजर कार्रवाई पर संजय राउत ने कहा कि दंगा दोनों तरफ से हुआ है। हिंसा की शुरुआत किसने की? वह तुम्हारे ही पार्टी के कार्यकर्ता थे। औरंगजेब की कब्र का मुद्दा किसने उठाया? वह तुम्हारे ही कैबिनेट में मंत्री हैं। क्या कोंकण में बुलडोजर चलाओगे? क्या पुणे में बुलडोजर भेजोगे? तुम्हारे नेताओं की बयानबाजी ने ही यह माहौल बनाया है। कार्रवाई समान रूप से होनी चाहिए।

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