मध्य प्रदेश के 7 जिलों में खुले नए पुलिस स्टेशन्स, रौबदार दरोगा वाले थानों की लिस्ट
भोपाल: मध्यप्रदेश में कानून व्यवस्था को दुरस्त करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है. मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के कई जिलों में नए थाने, पुलिस चौकियों से थाने और नई पुलिस चौकियां बनाई गई है. मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा इसके आदेश जारी कर दिए गए हैं. अब जल्द ही इन थानों की शुरुआत होगी और क्राइम कंट्रोल में व अन्य व्यवस्थाएं सुधरेंगी.
भोपाल में बना कजलीखेड़ा थाना
भोपाल में कुछ साल पहले बनाई गई कजलीखेड़ा पुलिस चौकी को थाने में बदल दिया गया है. दरअसल, भोपाल का कोलार रोड क्षेत्र काफी बड़ा है. यहां बने कोलार थाना क्षेत्र की सीमा काफी ज्यादा थी, जिससे काफी समस्याएं होती थीं. वहीं अब कजलीखेड़ा थाना बनने से इस क्षेत्र में पुलिस का कंट्रोल बेहतर होगा. गौरतलब है कि पहले कजलीखेड़ा क्षेत्र कोलार थाने के अंतर्गत आता था. वहीं अब दोनों थानों की अलग-अलग सीमा होंगी.
कहां-कहां बने नए थाने?
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश के मुताबकि, भोपाल के अलावा मध्य प्रदेश के 6 जिलों में पुलिस व्यवस्था और बंदोबस्त में परिवर्तन किया गया है. इन 6 जिलों में आठ नए पुलिस थानों की स्थापना की गई है. छतरपुर जिले के बागेश्वर धाम काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. इसलिए वहां भी पुलिस चौकी की स्थापना की गई है. इसके अलावा उज्जैन के महाकाल लोक को भी नया थाना बनाए जाने का आदेश है. वहीं उज्जैन में ही तपोभूमि में भी नया थाना बनेगा.
इसके अलावा खरगोन जिले के जीतपुर में भी नए थाने बनाने की स्वीकृति दी गई है. सतना की रैगाव पुलिस चौकी, सीधी की सिमरिया और मडवास पुलिस चौकी और देवास की कमलापुर पुलिस चौकी को थाने में परिवर्तित किया गया है.

धमतरी की स्वर्णिम कृषि यात्रा : आत्मनिर्भरता और समृद्धि के 25 वर्ष
कारखानों में श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य जाँच में नहीं चलेगी मनमानी, श्रम मंत्री देवांगन ने दिए कड़े निर्देश
बालिका सुरक्षा माह के अंतर्गत चलाया जा रहा है जागरूकता कार्यक्रम
बाढ़ में बही पुस्तकें, टेबलेट भी हुआ खराब, पर नहीं रुकेगी पूनम की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी
महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव शम्मी आबिदी
मंत्रालय में हुआ राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम" एवं राष्ट्र-गान "जन-गण-मन" का सामूहिक गायन
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की