मऊगंज हिंसा: घायलों और पीड़ित परिवार से मिले डीजीपी कैलाश मकवाना, घटनास्थल का लिया जायजा
मऊगंज: शाहपुर थाना क्षेत्र के गडरा गांव में शनिवार को 2 महीने पूर्व हुई आदिवासी की मौत को लेकर बवाल हो गया. जिसमें एक युवक की जान चली गई तो वहीं आदिवासियों ने उसकी हत्या को छिपाने के लिए घटना की तफ्तीश करने पहुंचे पुलिसकर्मियों पर भी हमला कर दिया. घटना में पुलिस के जवान ASI रामचरण गौतम की मौत हो गई. घटना के एक दिन बाद रविवार को डीजीपी कैलाश मकवाना गडरा गांव पहुंचे. जहां पर उन्होंने सबसे पहले घटना स्थल का निरीक्षण किया और पुलिस अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए.
डीजीपी ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
घटना के बाद पुलिस ने बढ़ रहे विवाद को नियंत्रित करने के लिए गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया. घटना की समीक्षा के लिए डीजीपी कैलाश मकवाना मऊगंज के गडरा गांव पहुंचे. जहां पर उन्होंने सबसे पहले घटना स्थल का निरीक्षण किया और पुलिस अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए. उन्होंने घटना में मृत युवक सनी द्विवेदी के घर पहुंचकर परिजनों से बातचीत की और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया. वहीं भोपाल से पहुंची आईबी की टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया.
सीएम मोहन यादव ने एएसआई को दिया शहीद का दर्जा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जहां मृतक युवक के परिवार की हिम्मत बढ़ाई वहीं एएसआई रामचरण गौतम को 1 करोड़ की सहायता राशि के साथ ही शहीद का दर्जा देने के साथ ही परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी देने का वादा किया है. सीएम ने कड़े लहजे में यह भी कहा है मामले की निष्पक्ष जांच करके जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.
आरोपियों ने एसडीओपी को भी बनाया बंधक
बताया जा रहा है कि एसडीओपी अंकिता सूल्या ने जब बंधक बने युवक सनी द्विवेदी को छुड़ाने के लिए दुकान के अन्दर प्रवेश किया और समझाइश दी तभी देखा की शनि द्विवेदी मृत अवस्था में पड़ा हुआ था. पुलिस के मुताबिक सनी को बंधक बनाकर उसकी बेरहमी से पिटाई की गई. जिससे उसकी मौत हो गई थी. इसके बाद पुलिस ने मौके से कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया और तभी आदिवासी परिवार के लोग उग्र हो गए और गांव के सैकड़ों आदिवासी इकठ्ठे हो गए. इस दौरान एसडीओपी अंकिता सूल्या को भी आरोपियों ने उसी कमरे में कैद कर लिया जहां पर सनी द्विवेदी को बंधक बनाकर हत्या की गई थी.
बंधक बने अधिकारियों को कराया आजाद
स्थानीय लोगों की माने तो कमरे में कैद करके एसडीओपी अंकिता सूल्या की भी पिटाई की गई. इस दौरान तहसीलदार कुमरे लाल पनिका और शाहपुर थाना प्रभारी संदीप भारतीय सहित, एएसआई रामचरण गौतम, एएसआई बृहस्पति पटेल, पुलिस कर्मी अनंत मिश्रा, जवाहर सिंह यादव सहित अन्य पर पत्थरबाजी करते हुए लाठी और डंडे से गांव वालो ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा. पत्थरबाजी की घटना में एएसआई रामचरण गौतम की दर्दनाक मौत हो गई. घटना की सूचना मिलते ही तत्काल पुलिस फोर्स पहुंची और बंधक बने प्रशासनिक अधिकारियो को मुक्त करवाया.
घरों की तलाशी लेकर खोजे गए आरोपी
इस दौरान मऊगंज कलेक्टर अजय श्रीवास्तव, एसपी रसना ठाकुर दल बल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे. सूचना मिलते ही मौके पर डीआईजी साकेत प्रकाश पाण्डेय पहुंचे. देर रात पूरा गडरा गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया. इसके बाद रात तकरीबन 12 बजे पुलिस एक्शन मोड में आई जिसके बाद एक-एक करके सभी घरों की तलाशी लेनी शुरू की और घरों में छिपकर बैठे पत्थरबाज आरोपियों को बाहर निकाला और सैकड़ों लोगों से सख्ती के साथ पूछताछ की गई.

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