त्योहारी मांग और आयात कम होने से तेल-तिलहन की कीमत में आई तेजी
नई दिल्ली। अगले माह होली त्योहार को देखते हुए मांग बढ़ने और विदेशी तेलों के महंगा होने से आयात में गिरावट के बीच भारतीय बाजार में तेल-तिलहन बाजार में बीते सप्ताह सभी तेल-तिलहनों के दाम मजबूत बंद हुए। बाजार सूत्रों ने कहा कि समीक्षाधीन सप्ताह में आयातित पाम-पामोलीन के दाम में वृद्धि हुई है जिससे पाम-पामोलीन का आयात कम हुआ है। जनवरी में खाद्य तेलों का आयात 10 लाख सात हजार टन का हुआ था, जिसके फरवरी में घटकर 9.5 लाख टन रहने की संभावना है। आयातित तेल की कमी को पूरा करने की स्थिति में न तो सरसों है न ही बिनौला। ऐसे में त्योहारों के मद्देनजर सरकार को देखना होगा कि आयात की कमी को कैसे पूरा किया जायेगा। उन्होंने कहा कि बीते सप्ताह से पहले आयात होने वाले जिस सोयाबीन डीगम तेल का दाम 1,175-1,180 डॉलर प्रति टन था वह बीते सप्ताह बढ़कर 1,195-1,200 डॉलर प्रति टन हो गया। इसी प्रकार पहले जिस सीपीओ का दाम 1,185-1,190 डॉलर प्रति टन था वह बढ़कर बीते सप्ताह 1,200-1,205 डॉलर प्रति टन हो गया। समीक्षाधीन सप्ताह में सोयाबीन दाने और सोयाबीन लूज का थोक भाव क्रमश: 5-5 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 4,280-4,330 रुपये और 3,980-4,080 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। इसी तरह सोयाबीन दिल्ली एवं सोयाबीन इंदौर और सोयाबीन डीगम के दाम क्रमश: 350 रुपये, 300 रुपये और 250 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 14,350 रुपये, 13,950 रुपये और 10,250 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुए। मूंगफली तिलहन का भाव 175 रुपये की तेजी के साथ 5,650-5,975 रुपये क्विंटल पर बंद हुआ। वहीं, मूंगफली तेल गुजरात और मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल का भाव क्रमश: 200 रुपये और 45 रुपये के सुधार के साथ 14,400 रुपये और 2,210-2,510 रुपये प्रति टिन पर बंद हुआ।कच्चे पाम तेल (सीपीओ) का दाम 400 रुपये सुधरकर 13,400 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। पामोलीन दिल्ली का भाव 250 रुपये मजबूत होकर 14,950 रुपये प्रति क्विंटल तथा पामोलीन एक्स कांडला तेल का भाव 250 रुपये बढ़कर 13,850 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।मजबूती के आम रुख के अनुरूप समीक्षाधीन सप्ताह में बिनौला तेल 400 रुपये की तेजी के साथ 13,400 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

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