जशपुर में महिला शिक्षिका और अधीक्षक की आपत्तिजनक स्थिति, ग्रामीणों में आक्रोश
पहाड़ी कोरवा बालक आश्रम में प्रभारी अधीक्षक के साथ दूसरे स्कूल की शिक्षिका के रात में रूकने से बवाल मच गया। गांववालों ने आश्रम को तब तक घेरे रखा, जब तक प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंच गए।प्रारंभिक जांच में टीम को गुमराह करने की कोशिश पर शिक्षिका को निलंबित कर दिया गया है। प्रभारी अधीक्षक को हटा कर मूल पदस्थापना स्थल में बतौर शिक्षक कार्य करने जाने के लिए भेज दिया गया है।
पूरा मामला
प्रकरण की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। पूरा मामला बलरामपुर जिले से जुड़ा हुआ है। यहां के एक पहाड़ी कोरवा बालक आश्रम में प्रभारी अधीक्षक के पास कुछ दिनों से एक शिक्षिका आती थी। शिक्षिका दूसरे स्कूल में पदस्थ थी।
शिक्षिका और प्रभारी अधीक्षक को पकड़ा
प्रभारी अधीक्षक विवाहित हैं। इस बात की जानकारी गांववालों को थी। किसी दूसरी महिला के रात में आश्रम में आने को गांववाले अच्छे नजरिए से नहीं देखते थे। गांववालों ने शिक्षा से जुड़े सरकारी आश्रम में इस प्रकार के कृत्य को रोकने का मन बनाया।इस बार जब आश्रम में शिक्षिका और प्रभारी अधीक्षक साथ थे, तो गांववालों ने आश्रम को ही घेर लिया। गांववालों ने शिक्षा और राजस्व विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। देर रात शंकरगढ एसडीएम, तहसीलदार और विकासखंड शिक्षा अधिकारी पुलिस बल को साथ लेकर आश्रम में पहुंचे। तब तक गांववाले वहीं थे।
शिक्षिका को किया निलंबित
प्रभारी अधीक्षक और शिक्षिका से पूछताछ की गई। उनका बयान लिया गया। बचाव में कई तर्क दिए गए, लेकिन कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया। जांच रिपोर्ट में शिक्षिका के आचरण को अनुचित माना गया है। इसे अशोभनीय,अमर्यादित बताते हुए जांच रिपोर्ट को ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से जिला शिक्षाधिकारी को भेजा गया था। इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर शिक्षिका को निलंबित किया है। प्रभारी अधीक्षक को हटा दिया है।

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