15 सालों में देश में कब-कब हुई भगदड़ की बड़ी घटनाएं कितने लोगों की हुई मौत
नई दिल्ली । नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार देर रात मची भगदड़ ने कई लोगों की जान ले ली। इस हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई और 25 से अधिक घायल हुए हैं। बता दें कि महाकुंभ जाने के लिए प्रयागराज की ट्रेन पकड़ने पहुंचे यात्रियों की भीड़ अनियंत्रित हो गईं थी। इस वजह से ये हादसा हुआ,धार्मिक उत्सव के दौरान हुई इस तरह की भगदड़ की घटना नई नहीं है, पहले भी ऐसी कई घटनाएं घट चुकी हैं और कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
अब आपको विस्तार से बताते हैं, पहले इस तरह की घटना कब और कहां हुई थी। 16 मई, 2010 में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ मची थी जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई और 30 लोग घायल हो गए थे। 10 फरवरी 2013: 10 फरवरी 2013 को कुंभ मेले के दौरान उत्तर प्रदेश के प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर अचानक भगदड़ मच गई थी, जिसमें कम से कम 32 लोगों की मौत हो गई थी। जानकारी के मुताबिक 10 फरवरी 2013 को मौनी अमावस्या थी और इस वजह से भारी संख्या में श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचे थे।
3 अक्टूबर 2014: इस दिन पटना के गांधी मैदान में दशहरा के दौरान भगदड़ मची थी, इस वजह से 32 लोगों की मौत हो गई थी।
14 जुलाई 2015: आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी में गोदावरी नदी के तट पर आयोजित धार्मिक उत्सव में भगदड़ मचने से 27 लोगों की मौत हो गई।
1 जनवरी 2022 : मां वैष्णो देवी मंदिर कटरा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण भगदड़ मचने से 12 श्रद्धालुओं की मौत हो गई।
31 मार्च 2023: इंदौर में रामनवमी के मौके पर आयोजित हवन के दौरान एक प्राचीन कुंए के ऊपर लगी स्लैब ढही 36 लोगों की मौत हो गई।
2 जुलाई 2024 : हाथरस में एक धार्मिक सत्संग के कार्यक्रम में भगदड़ होने से 107 लोगों की मौत।
29 जनवरी 2025: प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ होने से 30 श्रद्धालुओं की मौत।
नई दिल्ली में हुई हालिया घटना में हुई इस भगदड़ की जांच जारी है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 13 और 14 पर शनिवार देर रात उस समय भगदड़ मच गई जब कथित तौर पर यात्रियों के बीच प्रयागराज जा रही दो ट्रेनों के रद्द होने की अफवाह फैल गई।

धमतरी की स्वर्णिम कृषि यात्रा : आत्मनिर्भरता और समृद्धि के 25 वर्ष
कारखानों में श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य जाँच में नहीं चलेगी मनमानी, श्रम मंत्री देवांगन ने दिए कड़े निर्देश
बालिका सुरक्षा माह के अंतर्गत चलाया जा रहा है जागरूकता कार्यक्रम
बाढ़ में बही पुस्तकें, टेबलेट भी हुआ खराब, पर नहीं रुकेगी पूनम की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी
महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव शम्मी आबिदी
मंत्रालय में हुआ राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम" एवं राष्ट्र-गान "जन-गण-मन" का सामूहिक गायन
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की