साउथ अफ्रीका के फील्डिंग कोच ने लिया खिलाड़ी की जगह, लाइव मैच में हुआ चौंकाने वाला घटना
Wandile Gwavu: साउथ अफ्रीका की टीम इन दिनों पाकिस्तान के दौरे पर है, जहां वो ट्राई-सीरीज खेल रही है. इस सीरीज में 10 फरवरी को लाहौर में उसका मुकाबला न्यूजीलैंड से था. इस मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने पहले बैटिंग की और 50 ओवर में 304 रन बनाए. जवाब में जब वो इस स्कोर को डिफेंड करने उतरी तो उस वक्त मैदान पर जो दिखा वो हैरान कर देने वाला रहा. साउथ अफ्रीका के फील्डिंग कोच वांडिले ग्वावु मैदान पर फील्डिंग करते दिखे. साउथ अफ्रीका की टीम से जुड़ी ये कोई पहली घटना नहीं है. क्योंकि, इससे पहले उसके बैटिंग कोच भी मैदान पर फील्डिंग कर चुके हैं.
साउथ अफ्रीका के साथ ही ऐसा क्यों होता है?
सवाल है ऐसा साउथ अफ्रीका के साथ ही क्यों होता है कि कभी उसके बैटिंग कोच को तो कभी फील्डिंग कोच को खिलाड़ी के बदले मैदान पर उतरना पड़ता है? ये दोनों अलग-अलग घटना है मतलब दो अलग-अलग समय पर दो अलग मुकाबलों की कहानी है. सबसे पहले बात फील्डिंग कोच के मैदान पर उतरकर खिलाड़ी की जगह लेने की कर लेते हैं. ऐसा लाहौर में न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले में तब हुआ जब साउथ अफ्रीका को खिलाड़ियों की कमी पड़ गई.
साउथ अफ्रीका के लिए मैदान पर उतरे फील्डिंग कोच
दरअसल, साउथ अफ्रीका के कई सारे खिलाड़ी SA20 में खेल रहे होने के चलते टीम के साथ पाकिस्तान दौरे पर नहीं आए. साउथ अफ्रीकी टीम सिर्फ 12 खिलाड़ियों को लेकर पाकिस्तान पहुंची, जिसमें की 6 खिलाड़ी बिल्कुल नए थे. ऐसे में न्यूजीलैंड की इनिंग के 37वें ओवर के दौरान साउथ अफ्रीका के खिलाड़ी जब कम पड़े तो फील्डिंग कोच वांडिले ग्वावु को मैदान पर आना पड़ा. उन्हें फील्डिंग करनी पड़ी. जब फैंस को इस बात का पता चला, तो उन्होंने उनकी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी, जो कि वायरल हो गई.
जब बैटिंग कोच ने मैदान पर की फील्डिंग
लाहौर में तो खिलाड़ी की कमी के चलते फील्डिंग कोच को मैदान पर उतरना पड़ा. इससे पहले अक्टूबर 2024 में जब साउथ अफ्रीका की टीम आयरलैंड के खिलाफ UAE में मैच खेल रही थी. तो तेज गर्मी से खिलाड़ियों की तबीयत बिगड़ने के बाद बैटिंग कोच जेपी ड्यूमनी को मैदान पर उतरना पड़ा था. बड़ी बात ये है कि जिस मैच में फील्डिंग कोच उतरे और जिसमें बैटिंग कोच ने फील्डिंग की थी, साउथ अफ्रीका को उन दोनों ही मुकाबलों में हार मिली.

धमतरी की स्वर्णिम कृषि यात्रा : आत्मनिर्भरता और समृद्धि के 25 वर्ष
कारखानों में श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य जाँच में नहीं चलेगी मनमानी, श्रम मंत्री देवांगन ने दिए कड़े निर्देश
बालिका सुरक्षा माह के अंतर्गत चलाया जा रहा है जागरूकता कार्यक्रम
बाढ़ में बही पुस्तकें, टेबलेट भी हुआ खराब, पर नहीं रुकेगी पूनम की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी
महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव शम्मी आबिदी
मंत्रालय में हुआ राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम" एवं राष्ट्र-गान "जन-गण-मन" का सामूहिक गायन
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की