विदेशों में आयातित खाद्य तेल महंगे होने से देश के तेल-तिलहन बाजार में सुधार के संकेत
नई दिल्ली । विदेशों में आयातित खाद्य तेलों के भाव में बढ़ोतरी होने तथा आने वाले त्योहारों की वजह से आवक कम होने के कारण देश के तेल-तिलहन बाजार में बीते सप्ताह अधिकांश तेल-तिलहनों के दाम सुधार के साथ बंद हुए। डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने तथा विनिमय दर बढ़ाये जाने से भी खाद्य तेलों में सुधार को बल मिला। बाजार सूत्रों ने कहा कि इन सबके अलावा विनिमय दर बढ़ाये जाने से भी खाद्य तेल कीमतों में मजबूती रही। बीते सप्ताह सरसों दाने का थोक भाव 50 रुपये के सुधार के साथ 6,100-6,200 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। सरसों दादरी तेल का थोक भाव 150 रुपये के सुधार के साथ 13,200 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। सरसों पक्की और कच्ची घानी तेल का भाव क्रमश: 25-25 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 2,265-2,365 रुपये और 2,265-2,390 रुपये टिन (15 किलो) पर बंद हुआ। समीक्षाधीन सप्ताह में सोयाबीन दाने और सोयाबीन लूज का थोक भाव क्रमश: 75-75 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 4,300-4,350 रुपये और 4,000-4,100 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। इसी तरह सोयाबीन दिल्ली एवं सोयाबीन इंदौर और सोयाबीन डीगम के दाम क्रमश: 500 रुपये, 400 रुपये और 350 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 13,700 रुपये, 13,400 रुपये और 9,600 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुए। समीक्षाधीन सप्ताह में अकेले मूंगफली तिलहन का भाव 25 रुपये की गिरावट के साथ 5,275-5,600 रुपये क्विंटल पर बंद हुआ। लेकिन इसके विपरीत, मूंगफली तेल गुजरात और मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल का भाव क्रमश: 100 रुपये और 20 रुपये के सुधार के साथ 14,050 रुपये और 2,135-2,435 रुपये प्रति टिन पर बंद हुए। कच्चे पाम तेल (सीपीओ) का दाम 650 रुपये सुधरकर 12,800 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। पामोलीन दिल्ली का भाव 650 रुपये मजबूत होकर 14,350 रुपये प्रति क्विंटल तथा पामोलीन एक्स कांडला तेल का भाव 650 रुपये बढ़कर 13,350 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।मजबूती के आम रुख के अनुरूप समीक्षाधीन सप्ताह में बिनौला तेल 400 रुपये की तेजी के साथ 12,850 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

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