छत्तीसगढ़: बचे हुए नक्सलियों की खैर नहीं, 2026 तक बड़े नक्सली लीडरों को टारगेट कर खात्मे की तयारी
जगदलपुर: देशभर के नक्सल प्रभावित राज्यों में संगठन चलाने वाले शीर्ष नक्सल नेताओं की संख्या अब धीरे-धीरे कम होती जा रही है। नक्सल संगठन का दिमाग कहे जाने वाले सेंट्रल कमेटी के सदस्यों और पोलित ब्यूरो की संख्या में काफी कमी आई है। नक्सलियों के खिलाफ लगातार चलाए जा रहे ऑपरेशन में कई सीसी सदस्य मारे भी जा चुके हैं। जानकारी के मुताबिक देशभर में कुल 35 सीसी सदस्य नक्सल संगठन की बागडोर संभाल रहे थे। इसमें कई सीसी सदस्यों की बीमारी के चलते मौत हो चुकी है या फिर 4 से 5 साल के अंदर मारे गए हैं। हालांकि खुफिया विभाग को अभी भी माड़ इलाके के आसपास कई सीसी सदस्यों और पोलित ब्यूरो सदस्यों की मौजूदगी की खबर मिल रही है। अब जवानों को उन्हें घेरकर लाल आतंक के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने की तैयारी कर ली गई है।
बड़े नक्सली निशाने पर
मार्च 2026 की समय सीमा के अंदर जवानों को गृह मंत्रालय से नक्सल संगठन के बड़े नेताओं को निशाना बनाने के आदेश मिले हैं। ऐसे में अब नक्सल संगठन के बड़े नेताओं को खत्म करने के लिए फोर्स पूरी तरह से तैयार है। जानकारों का भी मानना है कि नक्सली अपने सीसी सदस्यों को सुरक्षित रखने की कोशिश में हैं। पिछले दिनों गरियाबंद मुठभेड़ में मारा गया चलपति काफी बड़ा नेता था। उसने कुछ साल पहले आंध्र प्रदेश में भी बड़े हमले की योजना बनाई थी। अब चलपति मारा गया है। ऐसे में नक्सल संगठन कई बड़े नक्सल नेताओं को बचाने के लिए काफी चिंतित नजर आ रहा है, जिन पर सरकार ने 1 करोड़ का इनाम रखा है। इधर, केंद्रीय कमेटी सदस्यों के टारगेट को लेकर छत्तीसगढ़ सुरक्षा विभाग भी काफी तैयारी कर रहा है।
बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि सीसी सदस्यों की संख्या काफी हद तक कम हो गई है। अब तक सीसी सदस्य रमन्ना, हरिभूषण, रामकृष्ण, कटम्मा सुदर्शन की बीमारियों के चलते मौत हो चुकी है। झारखंड पुलिस प्रशांत बोस और महाराष्ट्र पुलिस ने भी सीसी सदस्यों को मार गिराया है। अब सीसी सदस्य चलपति भी मारा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अभी भी माड़ क्षेत्र और सीमावर्ती क्षेत्रों में 5 से 7 सीसी सदस्यों की मौजूदगी की जानकारी मिल रही है। जल्द ही सैनिक इन सभी सीसी सदस्यों को घेरने के लिए माड़ क्षेत्र में अभियान शुरू करेंगे। जल्द ही इनका भी सफाया कर दिया जाएगा।

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