ट्रैफिक नियमों को तोडऩे वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
भोपाल । ट्रैफिक नियम तोडऩे वाले सावधान हो जाएं। अगर ट्रैफिक रूल्स तोड़े तो आपका ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त हो सकता है। जी हां मध्य प्रदेश में ट्रैफिक पुलिस ई-चालान के भुगतान को लेकर अब काफी सख्त रुख अपना रही है। ई-चालान को जमा नहीं करने वाले वाहन चालकों के अब लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जा रही है। ट्रैफिक सिग्नल्स पर लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिये ट्रैफिक नियमों को तोडऩे वालों के खिलाफ फाइन की कार्रवाई की जा रही है।
अगर आप नहीं जानते ई-चालान क्या होता है तो जान लीजिए। दरअसल ई-चालान जिसे इलेक्ट्रॉनिक चालान कहते हैं। यह एक डिजिटल प्रणाली है। जिसके तहत पुलिस कैमरे से फोटो खींचकर चालान काटती है। जब कोई वाहन चालक ट्रैफिक नियमों को तोड़ता है, जैसे ओवरस्पीडिंग, गलत पार्किंग, रेड सिग्नल क्रॉस करना और अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करना आदि। तब सिग्नल पर लगे हाईटेक कैमरे द्वारा पुलिस ई-चालान काटती है। मध्य प्रदेश में नियमों के मुताबिक, 15 दिन के अंदर चालान भरना होता है।
यह हैं ई-चालान से जुड़े नियम
ट्रैफिक नियम तोडऩे पर ट्रैफिक पुलिस ई-चालान काटती है। अलग-अलग मामलों में फाइन की राशि अलग-अलग निर्धारित है। अगर आप शराब के नशे में कार चलाते हुए पकड़े गए तो पुलिस 15,000 तक का चालान काट सकती है। वहीं शराब के नशे में टू व्हीलर चलाते पकड़े गए तो जुर्माने की 7500 तक हो सकती है। ट्रैफिक सिग्नल तोडऩे और हेलमेट न पहनने पर पर 500 रुपये का फाइन लगता है। ई-चालान कटने के बाद, इसे भरने के लिए 15 दिन का समय होता है। अगर आपने 15 दिन के अंदर फाइन नहीं भरा तो पुलिस गाड़ी जब्त कर सकती है। इसके अलावा लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है। फाइन की राशी डबल हो सकती है।
लाइसेंस निरस्त को लेकर आईटीओ को पत्र
पुलिस के द्वारा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों को चिन्हित कर आने वाले दिनों में लाइसेंस निरस्त करने को लेकर भी आईटीओ को पत्र लिखा जाएगा। ट्रैफिक डीसीपी अरविंद तिवारी का कहना है कि, ई-चालान के प्रति अवेयरनेस को लेकर ही इस तरह का अभियान चलाया जा रहा है। आने वाले दिनों में ई चालान के प्रति लोग जागरुक रहें और उसका भुगतान समय पर करें इसको लेकर और भी कई आदेश निकल जाएंगे।

धमतरी की स्वर्णिम कृषि यात्रा : आत्मनिर्भरता और समृद्धि के 25 वर्ष
कारखानों में श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य जाँच में नहीं चलेगी मनमानी, श्रम मंत्री देवांगन ने दिए कड़े निर्देश
बालिका सुरक्षा माह के अंतर्गत चलाया जा रहा है जागरूकता कार्यक्रम
बाढ़ में बही पुस्तकें, टेबलेट भी हुआ खराब, पर नहीं रुकेगी पूनम की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी
महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव शम्मी आबिदी
मंत्रालय में हुआ राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम" एवं राष्ट्र-गान "जन-गण-मन" का सामूहिक गायन
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की