मंडी में शुरू होने जा रहा है ऐतिहासिक शिवरात्रि महोत्सव! जानिए क्या कुछ खास होगा इस साल?
मंडी जिला का सबसे बड़ा महोत्सव, अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव, अब बस कुछ ही दिनों दूर है. इस महोत्सव के तहत जिला प्रशासन द्वारा 216 देवी देवताओं को आमंत्रित किया गया है, जिनके लिए निमंत्रण पत्र भेजे जा चुके हैं.
मंडी, जिसे ‘छोटी काशी’ भी कहा जाता है, में इस महोत्सव के दौरान सात दिवसीय देव कुंभ सजता है. यह परंपरा मंडी के राजवंश द्वारा शुरू की गई थी, और आज यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है.
बड़ा देव कमरुनाग की पूजा के साथ महोत्सव की शुरुआत
मंडी के इस अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में 216 देवी देवता शिरकत करेंगे. हालांकि, पुराने इतिहास के अनुसार, सबसे पहले बड़ा देव कमरुनाग मंडी पहुंचते हैं और इसके बाद ही शिवरात्रि महोत्सव की शुरुआत होती है. अन्य देवी देवता भी बड़े देव कमरुनाग के मंडी पहुंचने के बाद ही यहां आते हैं और मंडी के राजा कृष्ण रूप माधव राय के दरबार में हाजरी लगाते हैं.
बड़ा देव कमरुनाग का मंदिर और उनका यात्रा
बड़ा देव कमरुनाग मंडी जिले के प्रमुख देवता माने जाते हैं और इन्हें बारिश का देवता भी कहा जाता है. क्षेत्र के श्रद्धालु इनसे बारिश कराने और अधिक बारिश होने पर उसे रोकने के लिए यहां आते हैं. उनका मंदिर मंडी जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर कमरूघाटी में स्थित है, जहां देवदार के घने जंगल और सर्दियों में बर्फबारी होती है.
परंपरा के अनुसार, बड़ा देव कमरुनाग यह 50 किलोमीटर का सफर पैदल ही तय करते हैं और वाहन में यात्रा नहीं करते. यह देवता अपने लोगों के साथ इस कठिन यात्रा को पार करते हैं.
बड़ा देव कमरुनाग की मंडी में आगमन
इस वर्ष बड़ा देव कमरुनाग 25 फरवरी को मंडी पहुंचेंगे. इसी दिन वह राजा माधव राय से उनके महल में मिलेंगे और कुछ समय विश्राम करने के बाद अपनी निर्धारित स्थान, माता श्यामाकाली मंदिर टारना, में 7 दिन तक विराजमान रहेंगे.

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