घर में ड्रेसिंग टेबल किस दिशा में रखें? अनदेखी से पति-पत्नी होगी तकरार!
ज्योतिष की तरह वास्तु शास्त्र का भी विशेष महत्व है. इसलिए घर में रख हर चीज को वास्तु से जोड़कर देखा जाता है. कई लोग चीजों को बिना कुछ सोचे-समझे कहीं भी रख देते हैं. लेकिन ऐसा करना गलत है. क्योंकि वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में रखी हर चीज व्यक्ति के जीवन में अपना प्रभाव डालती है. ऐसे में हर चीज रखने की एक निश्चित दिशा और नियम बताए गए हैं, जिसमें ड्रेसिंग टेबल भी एक है. वास्तु शास्त्र में घर की ड्रेसिंग टेबल की दिशा के लिए भी स्थान तय किया गया है.
जिस तरह घर में रखी ड्रेसिंग टेबल आपकी किस्मत बदल सकती है. उसी तरह इसकी अनदेखी या गलत दिशा में रखने से आपके घर का वास्तु बिगड़ सकता है, जिससे पति-पत्नी में तकरार बढ़ सकती है. अब सवाल है कि आखिर घर में ड्रेसिंग टेबल किस दिशा में रखें? ड्रेसिंग टेबल किस दिशा में रखने से बचना चाहिए?
घर में रखा शीशा या फिर ड्रेसिंग टेबल को हमेशा सही दिशा में ही रखना चाहिए. क्योंकि, सही दिशा जहां आपको मालामाल बनाएगी, वहीं गलत दिशा कंगाल बना सकती है. इसलिए बेडरूम में ड्रेसिंग टेबल कभी भी खिड़की या दरवाजे के सामने न रखें. ऐसा करने से बाहर से आने वाला प्रकाश परावर्तित होकर नेगेटिविटी अपनी कमरे में फैलाता है.
ड्रेसिंग टेबल कहां और कैसे लगाएं
शीशे से एक प्रकार की ऊर्जा हमेशा निकलती है. यह ऊर्जा कितनी अच्छी है या खराब, यह इस बात पर निर्भर करती है कि वो किस स्थान पर लगा हुआ है. ड्रेसिंग टेबल कमरे में हमेशा उत्तर या पूर्व दिशा की ओर लगाना ही शुभ होता है. इसके अलावा, कोशिश करें कि शीशा अधिक बड़ा और टूटा न हो. गोल आकृति को छोड़कर किसी भी आकृति का शीशा बेडरूम में लगाया जा सकता है.
बेड में भी न लगा हो शीशा
बैडरूम में पड़े बेड में शीशा लगा होना अशुभता का कारम बन सकता है. ऐसे में यदि आपके बेड के किसी भी हिस्से में शीशा लगा है तो उसे तत्काल हटा देना चाहिए. दरअसल, वास्तु शास्त्र में ऐसा शीशा आयु को कम करने वाला बताया गया है. इसके अलावा, कोशिश करें कि बेड के सामने भी आईना न हो. क्योंकि बेड के सामने आईना होने से पति-पत्नी पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, जिससे पति-पत्नी में हमेशा तनाव रह सकता है.

धमतरी की स्वर्णिम कृषि यात्रा : आत्मनिर्भरता और समृद्धि के 25 वर्ष
कारखानों में श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य जाँच में नहीं चलेगी मनमानी, श्रम मंत्री देवांगन ने दिए कड़े निर्देश
बालिका सुरक्षा माह के अंतर्गत चलाया जा रहा है जागरूकता कार्यक्रम
बाढ़ में बही पुस्तकें, टेबलेट भी हुआ खराब, पर नहीं रुकेगी पूनम की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी
महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव शम्मी आबिदी
मंत्रालय में हुआ राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम" एवं राष्ट्र-गान "जन-गण-मन" का सामूहिक गायन
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की