शनि के राशि परिवर्तन से इन राशियों पर पड़ेगा प्रभाव
न्याय के देवता शनि देव 29 मार्च 2025 को राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं। शनि देव 29 मार्च 2025 को अपनी स्वराशि कुंभ से निकालकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष के अनुसार, शनि देव ढाई साल बाद राशि परिवर्तन करते हैं। इस साल 2025 में शनि अस्त होने जा रहे हैं। शनि ग्रह 28 फरवरी 2025 में अस्त होने जा रहे हैं। जिसका असर कई राशियों पर देखने को मिलेगा। बता दें कि, शनि 28 फरवरी 2025 से 6 अप्रैल 2025 तक अस्त रहेंगे। जिस कारण से इन राशियों पर प्रभाव पड़ेगा। हालांकि, जिन लोगों पर शनि का साढ़ेसाती और ढैया चल रही हैं उन राशियों पर इसके प्रभाव मिले-जुले रहेंगे। आइए जानते हैं किन राशियों पर प्रभाव पड़ने वाला है।
मीन राशि
शनि देव मीन राशि में आने से पहले ही अस्त हो रहे हैं, जिस कारण से मीन राशि पर प्रभाव देखने को मिलेगा। बता दें कि, मीन राशि वालों के लिए भगवान शिव की अराधना करना चाहिए। इसके अलावा, मीन राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण जल्द शुरु होगा। मीन राशि के जातकों को आर्थिक लाभ होगा। कुछ नेगेटिव इफेक्ट आपकी नौकरी पर पड़ सकता है। आप इनकम पर ध्यान दें।
सिंह राशि
शनि का अस्त होना सिंह राशि पर प्रभाव देखने को मिलेगा। सिंह राशि पर शनि की ढैया 29 मार्च से शुरु हो रही है। इस राशि के जातकों शनि के अस्त होने पर नौकरी में तनाव का सामना करना पड़ सकता है। लव लाइफ बेहतर रहेगी।
कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों पर भी शनि का अस्त होने से प्रभाव देखने को मिलेगा। शनि की साढेसाती होने के कारण इस राशि के लोगों को तनाव झेलना होगा। कुंभ राशि वाले शनि को प्रसन्न करने के लिए किसी गरीब की मदद जरुर करें। जितना संभव हो सके तो झूठ ना बोलें और खूब मेहनत करें। शनि के अस्त होने से आय बढ़ सकती है। इसलिए निवेश के लिए अपना बजट बढ़ा सकते हैं।

धमतरी की स्वर्णिम कृषि यात्रा : आत्मनिर्भरता और समृद्धि के 25 वर्ष
कारखानों में श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य जाँच में नहीं चलेगी मनमानी, श्रम मंत्री देवांगन ने दिए कड़े निर्देश
बालिका सुरक्षा माह के अंतर्गत चलाया जा रहा है जागरूकता कार्यक्रम
बाढ़ में बही पुस्तकें, टेबलेट भी हुआ खराब, पर नहीं रुकेगी पूनम की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी
महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव शम्मी आबिदी
मंत्रालय में हुआ राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम" एवं राष्ट्र-गान "जन-गण-मन" का सामूहिक गायन
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की