लाल नजर आती हैं आंखें रात की तस्वीरों में क्यों, समझें इसके पीछे का साइंस
क्या आपने कभी किसी पार्टी या सैर-सपाटे के दौरान रात में फोटो खींचते समय यह महसूस किया है कि तस्वीरें उतनी अच्छी नहीं आतीं जितनी दिन में आती हैं? कभी बैकग्राउंड धुंधला होता है, तो कभी लाइटिंग की कमी सताती है, लेकिन सबसे बड़ी समस्या तो ये है कि फ्लैश की चमक से आंखें लाल हो जाती हैं, जिससे पूरी तस्वीर ही खराब लगने लगती है। आखिर ऐसा क्यों होता है कि फ्लैश की वजह से आंखें लाल हो जाती हैं? क्या आप जानना चाहते हैं कि इस समस्या का समाधान क्या है? आज हम आपको बताएंगे कि फ्लैश से आंखों के लाल होने के पीछे क्या कारण (लाल आँख प्रभाव के पीछे का विज्ञान) है और आप इस समस्या से कैसे बच सकते हैं।
- हमारी आंखों की पुतली लाइट की क्वांटिटी को कंट्रोल करती है।
- तेज रोशनी में पुतली सिकुड़ती है और कम रोशनी में फैलती है।
- फ्लैश की रोशनी में पुतली अचानक सिकुड़ने की कोशिश करती है।
फ्लैश लाइट से आंखें क्यों हो जाती हैं लाल?
जब हम फोटो खींचते हैं और फ्लैश ऑन करते हैं, तो हमारी आंखों पर तेज रोशनी पड़ती है। हमारी आंखों में एक छोटा-सा छेद होता है, जिसे पुतली कहते हैं। ये पुतली अंधेरे में बड़ी हो जाती है ताकि ज्यादा रोशनी अंदर जाए। हालांकि, जब फ्लैश अचानक चमकता है तो पुतली इतनी जल्दी छोटी नहीं हो पाती। इस वजह से, तेज रोशनी हमारी आंखों के अंदर तक चली जाती है। हमारी आंखों के अंदर कई छोटी-छोटी ब्लड वेसल्स होती हैं। जब तेज रोशनी इन ब्लड वेसल्स पर पड़ती है, तो ये चमकने लगती हैं और फोटो में हमारी आंखें लाल दिखाई देती हैं। यानी, फ्लैश की तेज रोशनी की वजह से हमारी आंखों के अंदर की ब्लड वेसल्स चमकती हैं और फोटो में लाल रंग दिखाई देता है।
आपके कैमरे में एक खास सेटिंग होती है जिसे 'रेड-आई रिडक्शन मोड' कहते हैं। इस मोड को ऑन करने पर कैमरा की फ्लैश दो बार चमकती है। पहली चमक से आंख की पुतली सिकुड़ जाती है और दूसरी चमक के साथ फोटो ली जाती है। इससे लाल आंखों की समस्या कम हो जाती है।
फ्लैश की डायरेक्शन बदलें
अगर आपका कैमरा आपको यह करने दे तो आप फ्लैश की डायरेक्शन को सीधे आंखों से दूर रखें। आप फ्लैश को छत या दीवार की तरफ घुमा सकते हैं।
- बाहरी रोशनी का यूज करें
- अगर हो सके तो फ्लैश की जगह नेचुरल लाइट या किसी और रोशनी का इस्तेमाल करें।
- कैमरा और व्यक्ति के बीच दूरी बनाएं
- कैमरे को व्यक्ति के बीच थोड़ी दूरी रखें। इससे फ्लैश की रोशनी सीधे आंखों पर नहीं पड़ेगी।

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