सहवाग और आरती के तलाक की खबरों के बीच, 6 साल पुरानी घटना हुई सामने
Virender Sehwag: भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग और उनकी पत्नी आरती तलाक की खबरों को लेकर सुर्खियों में हैं. एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दोनों एक-दूसरे से अलग रह रहे हैं और करीब 21 साल लंबा रिश्ता टूटने वाला है. दोनों के तलाक के दावों के बीच हम आपको सहवाग की पत्नी आरती के साथ हुई एक घटना के बारे में बताने जा रहे हैं, जब 6 साल पहले उन्हें बड़ा धोखा मिला था. तब उन्हें दिल्ली पुलिस की मदद लेनी पड़ गई थी.
आरती सहवाग के साथ क्या हुआ था?
आरती सहवाग को 6 साल पहले 2019 में अपने बिजनेस पार्टनर्स से एक बड़ा धोखा मिला था. उन्हें करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ा था. उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके नाम और साइन का गलत इस्तेमाल करके करीब 4.5 करोड़ का लोन लिया गया था. आरती के मुताबिक उन्होंने बिजनेस के लिए दिल्ली के अशोक विहार में रोहित कक्कड़ नाम के शख्स के साथ हाथ मिलाया था. लेकिन रोहित और उसके कुछ करीबियों ने उनके नाम का फायदा उठाया.
बिना मंजूरी के लोन लिया गया
सहवाग की पत्नी की जानकारी के बिना दूसरी बिल्डर फर्म को आरती और वीरेंद्र सहवाग जुड़े होने की बात कही. इसके बाद धोखाधड़ी से उनके साइन इस्तेमाल करके लोन ले लिया और बाद में इसे चुकाना बंद कर दिया. आरती के मुताबिक, दोनों के बीच पहले ही करार हो चुका था कि उनकी अनुमति के बिना कोई भी काम नहीं होगा. जब आरती को इस बारे में पता चला तो उन्होंने तुरंत एक्शन लेते हुए दिल्ली पुलिस की आर्थिक क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज की थी.
एक-दूसरे को किया इंस्टाग्राम पर अनफॉलो
वीरेंद्र सहवाग और आरती अहलावत की शादी साल 2004 में हुई थी. दोनों ने लव मैरिज की थी, जिसे लेकर दोनों के परिवार राजी नहीं थे. हालांकि, किसी तरह उन्होंने अपनी फैमिली को मनाया. लेकिन अब 21 साल बाद दोनों का रिश्ता टूटता हुआ नजर रहा है. दोनों ने ही इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को अनफॉलो भी कर लिया है. इससे तलाक की खबरों को और भी बल मिल रहा है. ये भी दावा है कि सहवाग और पत्नी काफी समय से एक-दूसरे से अलग रह रहे हैं.

धमतरी की स्वर्णिम कृषि यात्रा : आत्मनिर्भरता और समृद्धि के 25 वर्ष
कारखानों में श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य जाँच में नहीं चलेगी मनमानी, श्रम मंत्री देवांगन ने दिए कड़े निर्देश
बालिका सुरक्षा माह के अंतर्गत चलाया जा रहा है जागरूकता कार्यक्रम
बाढ़ में बही पुस्तकें, टेबलेट भी हुआ खराब, पर नहीं रुकेगी पूनम की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी
महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव शम्मी आबिदी
मंत्रालय में हुआ राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम" एवं राष्ट्र-गान "जन-गण-मन" का सामूहिक गायन
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की