मानसिक रूप से परेशान होकर फोटोग्राफर ने की आत्महत्या, पत्नी और ससुराल वाले करते थे प्रताड़ित, 30 लाख की मांग
इंदौर: इंदौर के बाणगंगा इलाके में नितिन पडियार (28) नाम के युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या करने से पहले उसने 14 पन्नों का सुसाइड नोट लिखा, जिसमें उसने अपनी पत्नी और ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए। नितिन यादव नंद नगर का रहने वाला था और इवेंट फोटोग्राफर का काम करता था। सोमवार रात जब उसका बड़ा भाई सूरज उसे खाना खाने के लिए बुलाने गया तो उसने नितिन को फंदे से लटका हुआ पाया। सुसाइड नोट में नितिन ने लिखा, 'मेरी मौत के लिए सिर्फ मेरी पत्नी हर्षा शर्मा, सास सीता शर्मा, साली मीनाक्षी और वर्षा शर्मा जिम्मेदार हैं। मम्मी मेरे जाने के बाद रोना मत। मैं आपका बेटा बनकर वापस आऊंगा। मैं भारत सरकार से शादी के कानून में बदलाव करने की गुजारिश करता हूं, क्योंकि महिलाएं इसका गलत इस्तेमाल कर रही हैं।'
मांगे 30 लाख रुपए
नितिन और हर्षा की मुलाकात दोस्तों के जरिए हुई थी। दोनों ने लिव-इन में रहने के बाद शादी कर ली। 2023 में हर्षा राजस्थान में अपने मायके चली गई और वापस नहीं लौटी। हर्षा ने तलाक और भरण-पोषण का केस कर 30 लाख रुपए की मांग की। यही नितिन के लिए तनाव का कारण बन गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अरबिंदो अस्पताल भेज दिया है। मामले की जांच की जा रही है। इस घटना ने महिला सशक्तिकरण अधिनियम के गलत इस्तेमाल पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुसाइड नोट में लिखे जिम्मेदारों के नाम
नितिन ने 14 पेज के सुसाइड नोट में लिखा- मम्मी सुन लो, मेरे जाने के बाद तुम रोना मत और किसी को रोने मत देना। अगर आप लोग रोओगे तो मुझे मरने के बाद भी दर्द होगा। मम्मी मैं आपका बेटा बनकर वापस आऊंगा। मेरी मौत की वजह सिर्फ और सिर्फ मेरी पत्नी हर्षा शर्मा, सास सीता शर्मा, साली मीनाक्षी और वर्षा शर्मा हैं।
सरकार से कानून बदलने को कहा
नितिन ने आगे लिखा- मैं नितिन पडियार भारत सरकार से अनुरोध करता हूं कि भारत के कानून को बदलें, क्योंकि महिलाएं इस कानून का गलत इस्तेमाल कर रही हैं। अगर आप इस कानून व्यवस्था को नहीं बदलोगे तो रोज कई लड़के और उनके परिवार बर्बाद होते रहेंगे।
मुझे मरने के बाद भी न्याय चाहिए
नितिन ने सुसाइड नोट में लिखा- भारत के सभी युवाओं से मेरी यही विनती है कि, शादी मत करना और अगर करो भी तो समझौता करके शादी करना और अगर किसी को समझ में आए कि मेरे साथ कुछ बुरा हुआ है तो मेरे मरने के बाद मुझे न्याय देना और अगर नहीं समझे तो अपनी बारी का इंतजार करना।

धमतरी की स्वर्णिम कृषि यात्रा : आत्मनिर्भरता और समृद्धि के 25 वर्ष
कारखानों में श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य जाँच में नहीं चलेगी मनमानी, श्रम मंत्री देवांगन ने दिए कड़े निर्देश
बालिका सुरक्षा माह के अंतर्गत चलाया जा रहा है जागरूकता कार्यक्रम
बाढ़ में बही पुस्तकें, टेबलेट भी हुआ खराब, पर नहीं रुकेगी पूनम की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी
महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव शम्मी आबिदी
मंत्रालय में हुआ राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम" एवं राष्ट्र-गान "जन-गण-मन" का सामूहिक गायन
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की