भाई-बहन खरीदते थे लक्ज़री गाड़ियां, जीते थे आलीशान जिंदगी, कमाई जान पुलिस रह गई दंग
इंदौर: 'चोर चोर मौसेरे भाई' कहावत तो हम सभी ने बचपन से सुनी है, लेकिन आज हम आपको दो चोरों की कहानी बताएंगे। दोनों भाई अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर चोरी करते हैं। रिश्तेदारों के इस गिरोह ने इंदौर में एक-दो नहीं बल्कि 18 वारदातों को अंजाम दिया है। कई बार पकड़े जाने के बाद ये जेल चले जाते हैं और छूटते ही फिर से चोरी करने लगते हैं। पुलिस ने एक बार फिर चोरों के इस गिरोह को पकड़कर इनके पास से 3 लाख रुपए का चोरी का माल बरामद किया है। इतना ही नहीं चोरी की योजना में इन दोनों के साथ बहन भी शामिल थी। आइए जानते हैं कौन हैं ये रिश्तेदार चोर।
अलग-अलग इलाकों में करते थे चोरी
इंदौर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में लगातार हो रही चोरी की वारदातों से पुलिस की रात्रि गश्त पर सवाल उठ रहे थे। हाल ही में पुलिस को कनाड़ा इलाके में कई फ्लैटों में चोरी करने वाले गिरोह के सीसीटीवी फुटेज मिले थे, इन फुटेज के आधार पर पुलिस ने गिरोह के सरगना जीतू उर्फ छित्तू की पहचान कर उसे बाणगंगा इलाके में उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपने भाई राकेश और रिश्तेदार अजय, राकेश मेहरा और हरीश के साथ मिलकर चोरी की वारदातें करना कबूल किया। इन सभी को गिरफ्तार कर पुलिस ने चोरी के जेवर और चोरी के पैसों से खरीदी गई दो बाइक बरामद की हैं। पुलिस ने इस चोर गिरोह से कनाड़ा, तिलक नगर, विजय नगर, खुड़ैल और एरोड्रम थाना क्षेत्र के 5 थाना क्षेत्रों में हुई चोरियों का खुलासा किया है।
यह गिरोह बड़ी प्लानिंग के साथ चोरी करता है। चोरी की प्लानिंग जीतू की बहन के घर बैठकर की जाती थी। वारदात को अंजाम देने के लिए यह गिरोह मुख्य सड़क की बजाय खेत-खलिहानों में जाता था, ताकि इनकी पहचान न हो सके। लेकिन ये लोगों के घरों में लगे सीसीटीवी कैमरों की नजर से बच नहीं पाए और पुलिस की गिरफ्त में आ गए। इन बदमाशों ने चोरी के पैसों से दोपहिया वाहन खरीदे थे। इन वाहनों की किश्तें चुकाने के लिए भी ये चोरियां कर रहे थे। इस बार पुलिस ने इन्हें लंबे समय तक जेल भेजने की योजना बनाई है।

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