राजधानी की हवा हो रही जहरीली, AQI 300 के पार, जहरीली हवा में सांस ले रहे लोग
भोपाल: राजधानी की हवा में पिछले 12 घंटे में अचानक बदलाव देखने को मिला। पिछले 15 दिनों से गुड डे की श्रेणी में चल रहा शहर का एक्यूआई अचानक 307 पर पहुंच गया। यह स्थिति शाहपुरा में बनी। खराब वायु गुणवत्ता के मामले में भोपाल प्रदेश का दूसरा शहर बन गया। पहले स्थान पर पीथमपुर रहा। यहां एक्यूआई 317 दर्ज किया गया। पीथमपुर की हवा में आए बदलाव को कुछ लोग यूसीसी कचरे से जोड़ रहे हैं। वहीं, विशेषज्ञ इसे मौसम में आए बदलाव की वजह बता रहे हैं।
अचानक बदला मौसम बना पर्यावरण का विलेन
रिपोर्ट के मुताबिक, खराब हवा की मुख्य वजह धूल और धुआं रहा। शहर के दो हिस्सों में पीएम 2.5 की वजह से हवा की गुणवत्ता बदली, जबकि एक जगह पीएम 10 इसके लिए जिम्मेदार रहा। ये हवा में मौजूद छोटे कण होते हैं। बताया गया कि गुरुवार रात को अचानक मौसम में बदलाव देखने को मिला। शहर में ठंडी हवाएं चल रही हैं। जिसके साथ ही शहर की हवा की गुणवत्ता भी लगातार खराब होती चली गई।
शाहपुरा इलाका रेड जोन में
अरेरा कॉलोनी शाहपुरा इलाका शुक्रवार को रेड जोन में रहा। गुरुवार के मुकाबले इसमें 153 की बढ़ोतरी हुई है। शहर के अन्य दो हिस्सों की हवा की गुणवत्ता भी खराब हुई है। इसके पीछे मुख्य कारण तापमान में बदलाव रहा। प्रदेश की बात करें तो इंदौर के पांच हिस्से ग्रीन जोन में रहे। एक्यूआई 100 से नीचे रहा। शुक्रवार को राजधानी के टीटी नगर में एक्यूआई 254 दर्ज किया गया। कलेक्ट्रेट में यह आंकड़ा 155 पर रहा जबकि पर्यावरण परिसर यानी शाहपुरा में यह स्तर 307 पर पहुंच गया। राजधानी समेत पूरे प्रदेश में स्थिति सबसे खराब रही।
मास्क पहनें, सुरक्षित रहें
अस्थमा रोगी, सांस रोगी, हृदय रोगी और गंभीर बीमारियों से ग्रसित रोगी, गर्भवती महिलाएं और बच्चे खास तौर पर मास्क पहनकर बाहर निकलें। एक्यूआई 300 के पार होने पर हवा की गुणवत्ता खराब मानी जाती है। इस दौरान एलर्जी के अलावा आंख, नाक और गले की समस्या भी शुरुआती तौर पर देखने को मिल सकती है। जैसे-जैसे प्रदूषण बढ़ता है, कार्बन मोनोऑक्साइड, ग्राउंड लेवल ओजोन, वाष्पशील कार्बनिक यौगिक, धातु, सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन और कणिका पदार्थ की मात्रा भी बढ़ जाती है।

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