भोपाल से दिल्ली तक विचार-विमर्श के बाद बनी सहमति, आज जारी हो सकती है नेम लिस्ट
भोपाल: मध्य प्रदेश में भाजपा जिला अध्यक्षों को लेकर 5 दिन तक मंथन चला। भोपाल से दिल्ली तक चली मंत्रणा के बाद आखिरकार सहमति बन गई है। शुक्रवार (10 जनवरी) को नए जिला अध्यक्षों के नाम का ऐलान हो सकता है। बीजेपी के प्रदेश संगठन महामंत्री ने गुरुवार को हुई बैठक के बाद कहा कि जिला अध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब बदलाव की गुंजाइश नहीं हैं। बस सूची जारी करने की देर है।
मिलकर संगठन के कार्यों को धरातल पर उतारना है
एमपी में भाजपा जिला अध्यक्षों को लेकर पिछले कई दिनों से खींचतान मची है। जिला अध्यक्षों की सूची के इंतजार के बीच गुरुवार को प्रदेश संगठन के नेताओं की वर्चुअल बैठक बुलाई गई। बैठक में जुड़े प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह ने सभी नेताओं को नए जिला अध्यक्ष मिलने से पहले बधाई दी। कहा कि सभी को साथ मिलकर संगठन के कार्यों को धरातल पर उतारना है। बैठक में प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने कहा कि जिला अध्यक्षों के चयन को लेकर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। बस सूची जारी करने की देर है।
पार्टी कार्यालय में ही होगा स्वागत सत्कार
हितानंद ने दो टूक नसीहत देते हुए कहा है कि जिसकी भी जिलाध्यक्ष के पद पर नियुक्ति होती है, वे इस बात का ध्यान रखें कि किसी मंत्री, बड़े नेता, सांसद, विधायक या प्रदेश पदाधिकारी के घर, बंगले या दफ्तर जाकर स्वागत नहीं कराएंगे। पार्टी दफ्तर में ही स्वागत होगा। बैठक में यह भी कहा गया कि जिला अध्यक्ष पद जिसे भी मिले, सभी को मिलकर उसका साथ देना है। वीडी शर्मा ने कहा हमारा संगठन देश में अग्रणी है।
चुनाव अधिकारियों को घोषणा की जिम्मेदारी
सूत्रों के मुताबिक, संगठन नए जिला अध्यक्षों के नाम की सूची जारी कर विवाद से बचना चाह रहा है। इसलिए घोषणा का तरीका बदल है। चुनाव अधिकारियों को जिला अध्यक्षों के घोषणा की जिम्मेदारी दे गई है। अब जिला निर्वाचन अधिकारी ऊपर से बताए गए नाम पर सभी की सहमति बनाकर जिला अध्यक्षों की घोषणा करेंगे। अगर कोई विवाद होता है तो उसे भी संभालेंगे। सूत्रों के मुताबिक तय होने वाले नाम को सीधे मैसेज कर पार्टी कार्यालय बुलाया जाएगा।

धमतरी की स्वर्णिम कृषि यात्रा : आत्मनिर्भरता और समृद्धि के 25 वर्ष
कारखानों में श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य जाँच में नहीं चलेगी मनमानी, श्रम मंत्री देवांगन ने दिए कड़े निर्देश
बालिका सुरक्षा माह के अंतर्गत चलाया जा रहा है जागरूकता कार्यक्रम
बाढ़ में बही पुस्तकें, टेबलेट भी हुआ खराब, पर नहीं रुकेगी पूनम की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी
महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव शम्मी आबिदी
मंत्रालय में हुआ राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम" एवं राष्ट्र-गान "जन-गण-मन" का सामूहिक गायन
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की