म्यूचुअल फंड से पैसा बनाने के लिए इन फंड्स में निवेश करें, 2025 में मिलेगा अच्छा रिटर्न
हर बार नए साल के मौके पर लोग अपनी जिंदगी में सुधार के लिए नए रेजोल्यूशन लेते हैं. कोई बुरी आदतों को छोड़ने का वादा करता है, तो कोई फिटनेस या डाइट पर ध्यान देने की बात करता है. वहीं, कई लोग वित्तीय रूप से मजबूत बनने और सेविंग करने का भी संकल्प लेते हैं. सेविंग एक ऐसी प्रक्रिया है, जो समय और अनुशासन की मांग करती है. अगर आप 2025 में ये तरीका फॉल कर निवेश करते हैं तो अच्छा खासा फंड अपने पोर्टफोलियो में जोड़ सकते हैं.
क्या है सही तरीका?
म्यूचुअल फंड में निवेश करना शेयर बाजार में इनडायरेक्ट निवेश के समान है. इसमें कई निवेशकों का पैसा एकत्रित किया जाता है और उसे विभिन्न वित्तीय साधनों जैसे शेयर, बॉन्ड और मनी मार्केट में लगाया जाता है. इसे एसेट मैनेजमेंट कंपनियां संचालित करती हैं. म्यूचुअल फंड में जोखिम अपेक्षाकृत कम होता है क्योंकि धनराशि विभिन्न जगहों पर निवेश की जाती है. निवेश की न्यूनतम राशि सिर्फ 500 रुपए से शुरू होती है, जिससे यह छोटे और नए निवेशकों के लिए भी उपयुक्त है.
इन फंड्स में है पोटेंशियल
वित्तीय विशेषज्ञों का सुझाव है कि म्यूचुअल फंड में सात साल या उससे अधिक की अवधि के लिए निवेश किया जाए. इस दौरान लार्ज-कैप, मिड-कैप और स्मॉल-कैप फंड्स के संयोजन का लाभ उठाना चाहिए. लार्ज-कैप फंड्स में आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल ब्लूचिप फंड, निप्पॉन इंडिया लार्ज कैप फंड और एचडीएफसी टॉप 100 फंड जैसे विकल्प हैं. मिड-कैप फंड्स में मोतीलाल ओसवाल मिडकैप फंड, एचडीएफसी मिडकैप ऑपर्च्युनिटीज फंड, और एडलवाइस मिडकैप फंड शामिल हैं. स्मॉल-कैप फंड्स में मोतीलाल ओसवाल स्मॉल कैप और टाटा स्मॉल कैप फंड निवेश के लिए अच्छे माने जाते हैं.
एसआईपी से निवेश को बनाएं आसान
सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) को निवेश का सबसे सुविधाजनक और प्रभावी तरीका माना जाता है. इसमें हर महीने एक निश्चित राशि निवेश की जाती है, जिससे बाजार के उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेश की औसत लागत स्थिर रहती है. विशेषज्ञों के अनुसार, यह नियमित निवेश को प्रोत्साहित करता है और लंबे समय में गारंटीड रिटर्न पाने में मदद करता है.

धमतरी की स्वर्णिम कृषि यात्रा : आत्मनिर्भरता और समृद्धि के 25 वर्ष
कारखानों में श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य जाँच में नहीं चलेगी मनमानी, श्रम मंत्री देवांगन ने दिए कड़े निर्देश
बालिका सुरक्षा माह के अंतर्गत चलाया जा रहा है जागरूकता कार्यक्रम
बाढ़ में बही पुस्तकें, टेबलेट भी हुआ खराब, पर नहीं रुकेगी पूनम की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी
महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव शम्मी आबिदी
मंत्रालय में हुआ राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम" एवं राष्ट्र-गान "जन-गण-मन" का सामूहिक गायन
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की