मकर संक्रांति पर स्नान दान और पूजा पाठ का है विशेष महत्व
स्नातन धर्म में मकर संक्रांति पर्व पर स्नान दान और पूजा पाठ का विशेष महत्व है। मकर संक्रांति के दिन भगवान सूर्य की आराधना करने से सभी प्रकार के रोग, कष्ट, दुख दूर हो जाते हैं और सुख समृद्धि की वृद्धि होती है। इस साल मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाई जाएगी। मकर संक्रांति के दिन दान अवश्य करना चाहिए। इससे जितने भी दोष हैं वह समाप्त हो जाते हैं। मकर संक्रांति के दिन इन चीजों का दान करना चाहिए।
जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर जाता है, तब मकर संक्रांति का त्यौहार मनाया जाता है। इस साल 15 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा।इस दिन से खरमास की भी समाप्ति हो जाती है। साथ ही सभी प्रकार के मांगलिक कार्य की शुरुआत हो जाती है।
मकर संक्रांति के दिन सबसे पहले गंगा स्नान करें या फिर किसी नदी में स्नान कर भगवान सूर्य को अर्घ्य अवश्य दें। इसके बाद किसी गरीब या असहाय व्यक्ति को तिल दान करने चाहिए। तिल के दान करने से सभी ग्रह दोष खत्म हो जाते हैं। इसके साथ ही चावल, दाल और नमक दान करते हैं तो घर में साल भर अनाज का भंडार रहता है।

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